
A | संवाद सूत्र, जागरण झुमरीतिलैया (कोडरमा) । मोबाइल गेम खेलने की आदत में फंस नाबालिग बेटे ने अपने माता-पिता के बैंक खाते में सेंध लगा दी। तिलैया थाना क्षेत्र के आजाद मोहल्ला में 15 वर्षीय नाबालिग अपने माता-पिता की मेहनत की कमाई को धीरे-धीरे उड़ा रहा था। परिजनों का आरोप है कि उनका बेटा पे फोन एप के जरिये उनके बैंक खाते से चुपचाप रुपये निकालता रहा।,शुरुआत में पांच सौ या हजार रुपये की निकासी करता था, लेकिन धीरे-धीरे रकम बढ़ती चली गई। जब खाते से लगभग 70 हजार रुपये गायब हो गए तो माता-पिता को शक हुआ। मां ने बताया कि बेटे को कई बार समझाया और डांटा भी, लेकिन उसने सुधरने की बजाय और चालाकी दिखानी शुरू कर दी। जब वे उसे डराने के लिए थाने ला रहे थे, तभी वह चकमा देकर भाग गया। दो दिन तक घरवालों ने खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार परेशान मां-पिता ने तिलैया थाने में लिखित आवेदन देकर बेटे की सकुशल वापसी की गुहार लगाई। आवेदन में मां गायत्री देवी ने लिखा कि उसका बेटा हमेशा मोबाइल फोन में गेम खेला करता था। कई बार डांटा-फटकारा, लेकिन वह नहीं माना। धीरे-धीरे पे फोन से रुपये निकालने लगा। अब वह घर से लापता है। उन्हाेंने थाना प्रभारी से उसे सकुशल बरामद करने की गुहार लगाई। तिलैया पुलिस ने आवेदन मिलने के बाद नाबालिग की तलाश शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की जांच चल रही है और शीघ्र ही किशोर को बरामद कर लिया जाएगा।,बच्चों और किशोरों में ऑनलाइन गेम्स की लत लगातार बढ़ रही है। कई बार बच्चे चोरी-छिपे रुपये खर्च कर गेम्स एप खरीदारी और आनलाइन ट्रांजेक्शन करते हैं। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों के मोबाइल उपयोग पर नजर रखें ।,बैंकिंग एप्स को पासवर्ड/ओटीपी सुरक्षा से सुरक्षित करें। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के समय का संतुलित उपयोग, वैकल्पिक शौक और पारिवारिक संवाद ही इसका समाधान है।。 नई दिल्ली। अमेरिकी की ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने भारत पर लगाए गए ट्रंप टैरिफ (Trump Tariffs) को लेकर एक रिपोर्ट जारी की। उसने कहा कि ट्रंप को भारत ने मध्यस्था का क्रेडिट नहीं दिया, जिसके चलते उनका ईगो हर्ट हो गया और उन्होंने भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया।,जेफरीज की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 50 प्रतिशत के भारी शुल्क मुख्यतः राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यक्तिगत नाराजगी का परिणाम हैं। क्योंकि उन्हें भारत-पाकिस्तान संघर्ष में मध्यस्थता करने की अनुमति नहीं दी गई थी।,रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने कथित तौर पर मई में दोनों देशों के बीच चार दिवसीय सैन्य संघर्ष के बाद हस्तक्षेप करने की उम्मीद की थी। इसमें कहा गया है कि "टैरिफ मुख्य रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति की "व्यक्तिगत नाराजगी" का परिणाम हैं, क्योंकि उन्हें भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चली आ रही कटुता को समाप्त करने में भूमिका निभाने की अनुमति नहीं दी गई।",इस खबर को अपडेट किया जा रहा है...。
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Published on:06:42:48
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